हैलो दोस्तों, Tally Prime के अंतर्गत पिछली पोस्ट मे आपने रिसीप्ट नोट और डिलीवरी नोट (Receipt Note and Delivery Note ) का इस्तेमाल करना सीखा। आज के लेख मे आप जानेगे इन्टरेस्ट कैलकुलेशन (Interest Calculation in Tally) क्या होता है, और टैली मे इसका उपयोग कब और कैसे किया जाता है। तो चलिए स्टार्ट करते है-
नोट – टैली प्राइम के सम्पूर्ण नोट्स के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
Table of Contents
- Activate Interest Calculation in Tally (टैली मे ब्याज गणना को सक्रिय करना)
- Activate Interest Calculation in Party Ledger (ब्याज गणना को पार्टी के लेजर मे लागू करना)
- Interest Calculation in Sales Voucher (सेल्स वाउचर मे ब्याज की गणना)
- Check Interest Calculation Report (ब्याज गणना की रिपोर्ट देखना)
- Interest Adjustment in Party Account (पार्टी के खाते मे ब्याज को जोड़ना)
- Create Voucher Class for Interest Calculation (ब्याज गणना के लिए वाउचर क्लास बनाना)
- Use Voucher Class for Interest Adjustment (ब्याज अजस्टमेंट के लिए वाउचर क्लास का प्रयोग करना)
What is Interest Calculation in Tally Prime? (टैली प्राइम मे ब्याज की गणना क्या है)
ब्याज एक प्रकार की अप्रत्यक्ष आय (Indirect Income) या अतिरिक्त शुल्क होता है, जो सामान्यतः उधार बिक्री, लोन, बकाया राशि या बकाया बिल आदि पर वसूला जाता है। Tally में बकाया बिलो पर ब्याज की गणना की जा सकती है। इसके लिए टैली प्राइम Interest Calculation फीचर प्रदान करता है, इसका उपयोग करके Tally मे ब्याज की गणना निम्न प्रकार की जा सकती है।
उदाहरण के लिए किसी कस्टमर को उधार माल बेचा और उस कस्टमर को पेमेंट भुगतान करने के लिए 20 दिनों का टाइम दिया गया। लेकिन यदि कस्टमर दिए गए टाइम पर पेमेंट का भुगतान नहीं करता है तो ऐसी कंडीशन मे उस कस्टमर के बकाया बिल पर ब्याज लागू किया जा सकता है, ताकि वह जितना लेट पेमेंट करेगा उतना अतिरिक्त शुल्क भुगतान करना होगा।
Activate Interest Calculation in Tally (टैली मे ब्याज गणना को सक्रिय करना)
Tally Prime मे Interest Calculation Feature को निम्न पाथ के अनुसार सक्रिय करेंगे –
Path : Gateway of Tally>Alt+K (Company)>Features (F11)>Activate Interest Calculation>Yes>Accept
इन्टरेस्ट कैलकुलेशन फीचर ऑन कर लेने के बाद इसे पार्टी के लेजर मे Activate करेंगे। यहाँ पार्टी कस्टमर भी हो सकती है और सप्लायर भी, क्योंकि ब्याज की गणना उधार बिक्री और उधार खरीद दोनों पर की जा सकती है। इसको समझने के लिए निम्न प्रश्न के अनुसार एक कस्टमर का उदाहरण लेकर समझते हैं।
प्रश्न – शर्मा इन्टरप्राइसेस को 2 पीस पैकिंग मशीन रुपए 78000 के भाव से 30 दिन का भुगतान समय देकर उधार बेची, तथा शर्त रखी निर्धारित तारीक 1-5-2024 से अधिक लेट पेमेंट होने पर 12% के हिसाब से ब्याज चार्ज किया जाएगा।
शर्मा इन्टरप्राइसेस जो की कस्टमर है इसका लेजर बनाते वक्त निम्न प्रकार से इसके लेजर खाते मे Interest Calculation फीचर को चालू करेंगे, ताकि अगर पेमेंट लेट हो तो ब्याज की गणना की जा सके।
Activate Interest Calculation in Party Ledger (ब्याज गणना को पार्टी के लेजर मे लागू करना)
Path : Gateway of Tally>Create>Ledger
- Name : Sharma Enterprises
- Under Group : Sundry Debtor
पार्टी के लेजर पर ब्याज गणना लागू करने के लिए पार्टी का लेजर बनाते समय ही लेजर क्रिएशन स्क्रीन मे Activate Interest Calculation>Yes सेट करे। ऐसा करने पर Interest Parameter सब-विंडो प्रदर्शित होगी जिसे निम्न तरह सेटअप करें।

नोट – ब्याज की गणना अड्वान्स स्तर पर सेटअप करने के लिए Interest Parameter स्क्रीन से F12 कुंजी दबाकर Provide Advance Information in Master ऑप्शन को Yes सेट करे।
उपरोक्त Interest Parameter सेटअप का विवरण –
Calculate Interest Transaction by transaction : ब्याज की गणना प्रत्येक सौदे के आधार पर करने के लिए इसे yes सेट करे।
Override Parameter for each Transaction : वाउचर एंट्री के समय ब्याज की दर मे परिवर्तन करना चाहते है तो इस ऑप्शन को Yes सेट करे।
Override Advance Parameter : वाउचर एंट्री के समय एडवांस पैरामीटर का प्रयोग करने के लिए Yes सेट करे। इसे Yes सेट करने से टाइम के आधार पर एक से अधिक ब्याज रेट लागू कर सकते हैं।
Include transaction date for interest Calculation : इस ऑप्शन का प्रयोग लेजर मे धनराशि जोड़ने और घटाने के लिए किया जाता है। यह लेजर की प्रक्रति (संपाति, दायित्व, आय, व्यय) पर आधारित होता है।
Rate : इस फील्ड मे ब्याज की दर प्रतिशत मे एंटर करे।
Interest Style : इस फील्ड मे ब्याज की गणना का टाइप सिलेक्ट करे।
Interest Balances : इस फील्ड मे बैलेन्स का टाइप सिलैक्ट करे।
- All Balance : यदि सभी प्रकार के बैलेन्स (Debit/Credit) पर ब्याज की गणना करना चाहते है तो यह ऑप्शन चुने।
- Credit Balance only : केवल credit बैलेन्स के लिए चुने।
- Debit Balance Only : केवल Debit बैलेन्स के लिए चुने।
Applicability : इसमे ब्याज की गणना का आधार सिलैक्ट करे।
- Always : यदि ब्याज की गणना को वाउचर एंट्री डेट से ही करना चाहते है।
- Past due Date : यदि ब्याज को बिल की ड्यू डेट से लागू करना चाहते है।
- By : यह फील्ड केवल पास्ट ड्यू डेट ऑप्शन को सिलैक्ट करने के बाद दिखाई देगा यदि पार्टी को ड्यू डेट के बाद भी कुछ दिनो की छूट देना चाहते है तो इसे चुने।
Calculate From : इस फील्ड का प्रयोग ब्याज की गणना को शुरू करने के लिए करते है।
- Date of Applicability : इस फील्ड का प्रयोग ब्याज की गणना को बिल या वाउचर की डेट से शुरू करने के लिए करते है।
- Date Specified During Entry : यदि ब्याज की गणना की डेट वाउचर एंट्री करते समय देना चाहते है तो यह ऑप्शन चुने।
- Due date of Invoice/Ref : ब्याज की गणना को केवल बिल रिफ्रेन्स मे तय की गयी डेट से करने के लिए करते है।
- Eff. Date of Transaction : ब्याज की गणना वाउचर की इफेक्टिव डेट से ही की जाएगी।
Rounding Method : इस फील्ड का प्रयोग ब्याज की राशि को रौंडिंग फिगर मे करने के बदलने के लिए करते है।
Interest Calculation in Sales Voucher (सेल्स वाउचर मे ब्याज की गणना)
ब्याज की गणना (Interest Calculation) वाउचर मे की गयी एंट्री के आधार पर होती है। ब्याज की गणना करने के लिए Bill Wise Detail का सक्रिय होना अनिवार्य है। यदि पार्टी के लेजर मे ब्याज को लागू करते समय Override Advance Parameter ऑप्शन को Yes सेट किया है तो वाउचर एंट्री के समय भी ब्याज की दर व गणना मे परिवर्तन भी कर सकते है। निम्न उदाहरण के आधार पर Interest Calculation in Tally को जानते हैं।
उदाहरण – शर्मा इन्टरप्राइसेस को 2 पीस पैकिंग मशीन रुपए 78000 के भाव से 30 दिन का भुगतान समय देकर उधार बेची, तथा शर्त रखी निर्धारित तारीक 1-5-2024 से अधिक लेट पेमेंट होने पर 12% के हिसाब से ब्याज चार्ज किया जाएगा।

उपरोक्त उदाहरण को सेल्स वाउचर मे निम्न प्रकार से दर्ज करेंगे।
Accounting Voucher Creation
- Voucher Name : Sales (F8)
- Ref No. 1
- Date : 1-apr-2024
- Party Name : Sharma Enterprises
- Name of Item : Packaging Machines
- Quantity : 2 Pcs
- Rate : 78000
Bill-wise details for Raman Electronics
- Type of Ref : New Ref Name : 1 Due Date, Credit Days : 30 Days

Interest Parameters

- Rate : 12% per Calendar Month on All Balances
इस तरह सभी डिटेल्स भरने के बाद वाउचर एक्सेप्ट कर लेंगे।
Check Interest Calculation Report (ब्याज गणना की रिपोर्ट देखना)
माना पार्टी (Sharma Enterprises) को 1-4-2024 को 30 दिन का टाइम देकर उधार माल बेचा गया, इस प्रकार से पार्टी की पेमेंट डेट 1-5-2024 होगी। अब अगर पार्टी ने 1-6-2024 को पेमेंट किया तो उस पार्टी पर ब्याज की गणना को निम्न प्रकार से देख सकते हैं।
Path : Gateway of Tally>Display More Reports>Statements of Accounts>Interest Calculation>Interest Receivable/Payable

चूंकि यहाँ हम कस्टमर पार्टी का Interest Calculation रिपोर्ट देख रहें हैं तो Interest Receivable ऑप्शन सिलेक्ट करेंगे।

ब्याज की गणना व पार्टी से संबन्धित ब्याज के ब्योरे को Interest Calculation रिपोर्ट से देख सकते है, यहाँ हम देख सकते हैं की किस अवधि से पार्टी पर ब्याज लागू हुआ है और कितने दिनों का किस रेट से कितना ब्याज बना।
यहाँ पीरियड बदलने के लिए Alt+F2 कुंजी दबाये तथा जब से जब तक की ब्याज रिपोर्ट देखनी है वो तिथियाँ दर्ज करे।
अब जो भी पार्टी पर ब्याज बना है इसे पार्टी के खाते मे निम्न प्रकार से जोड़ेंगे, क्योंकि पार्टी का का खाता केवल वास्तविक बलेन्स (Sales Value) दिखाएगा अतिरिक्त ब्याज स्वतः ही पार्टी के खाते मे ऐड (Add) नहीं होगा। इसे निम्न प्रकार से करना होगा।
Interest Adjustment in Party Account (पार्टी के खाते मे ब्याज को जोड़ना)
अतिरिक्त शुल्क यानि ब्याज को पार्टी के खाते मे जोड़ने के लिए हमे दो कार्य करने होंगे।
- Interest Received का Indirect Income ग्रुप के अन्डर लेजर बनाए।
- वाउचर क्लास बनाएं, वाउचर क्लासेस की मदद से ब्याज को पार्टी के अकाउंट मे जोड़ सकते हैं।
Interest Received का लेजर बना लेने के पश्चात अब निम्न प्रकार से वाउचर क्लास बनाएंगे।
Create Voucher Class for Interest Calculation (ब्याज गणना के लिए वाउचर क्लास बनाना)
Interest Calculation रिपोर्ट से केवल ब्याज की जानकारी प्राप्त की जा सकती है तथा पार्टी का अकाउंट केवल वास्तविक क्लोसिंग बैलेन्स प्रदर्शित करता है। इसलिए ब्याज की राशि को खाते मे जोड़ने के लिए निम्न तरह वाउचर क्लास का प्रयोग करेंगे।
Path : Gateway of Tally>Alter>Voucher Type>Debit Note

ब्याज की प्राप्ति के लिए डेबिट नोट वाउचर (Debit Note Voucher) तथा भुगतान के लिए क्रेडिट नोट वाउचर (Credit Note Voucher) का प्रयोग करते है। डेबिट नोट वाउचर को आल्टर करने के बाद Name of Class मे Interest Received लिखकर एंटर कुंजी दबाएँगे तो निम्न प्रकार से वाउचर टाइप क्लास स्क्रीन प्रदर्शित होगी जिसे निम्न प्रकार से भरें।
- Class Name : Interest Received
- Use class for interest accounting : Yes
- Amount to be treated as Compound Interest : No
- Accept
वाउचर क्लास स्क्रीन एक्सेप्ट करने के बाद Debit Note Voucher को एक्सेप्ट कर लें, और फिर निम्न प्रकार से पार्टी के अकाउंट मे ब्याज अजस्टमेंट की एंट्री बनाएं।
Use Voucher Class for Interest Adjustment (ब्याज अजस्टमेंट के लिए वाउचर क्लास का प्रयोग करना)
जैसा की ऊपर बताया गया है इन्टरेस्ट रिसीव (Interest Receive) से संबंधित एंट्री बनाने के लिए डेबिट नोट वाउचर का उपयोग करेंगे और ब्याज पेमेंट के लिए क्रेडिट नोट वाउचर का उपयोग करेंगे। चूंकि यहाँ पार्टी का Interest Receive से संबंधित एंट्री बनानी है जिसे निम्न प्रकार से बनाएंगे।
Path : Gateway of tally>Voucher Types>Debit Note (Alt+F5)

- उपरोक्त पाथ इंटर करने के बाद डेबिट नोट वाउचर खुलेगा जिसे निम्न प्रकार से भरें।
- वाउचर क्लास मे Interest Received सिलैक्ट करे।
- अब F2 कुंजी दबाकर Date एंटर करे, Date वह दर्ज करें जिस डेट मे पार्टी ने भुगतान किया है।
- Dr. (Debit) फील्ड मे पार्टी सिलैक्ट करे Sharma Enterprises
- पार्टी सिलेक्ट करने के बाद ब्याज की विवरण सूची प्रदर्शित होगी यहाँ से Interest Bill सिलैक्ट करे।

- पार्टी की Interest details मे बिल रिफ्रेन्स सिलेक्ट करे।
- इसके बाकी ऑप्शन को डिफ़ॉल्ट एक्सेप्ट करते जाएं।
- Cr. (Credit) फील्ड मे Interest Received लेजर सिलैक्ट करे।
- सभी डिटेल्स भरने के बाद वाउचर एक्सेप्ट करें।
इस प्रकार से जो भी ब्याज पार्टी पर बनता है वह इस मेथड के द्वारा पार्टी के वास्तविक बलेन्स मे जुड़ (Add) जाएगा तथा Interest Calculation Report से क्लीयर हो जाएगा।
कस्टमर के अकाउंट मे ब्याज अजस्ट हुआ है या नहीं निम्न प्रकार से देख सकते हैं –
Path – Gateway of Tally>Display More Reports>Account Books>Ledgers>Sharma Enterprises
यहाँ से हम देख सकते हैं, की ब्याज कस्टमर के अकाउंट बैलेंस मे ऐड हो गया है।

नोट : इसी प्रकार ब्याज भुगतान के लिए Credit Note Voucher का प्रयोग करे तथा Interest Paid क्लास तैयार करे और Interest Paid लेजर बनाए जिसे Indirect Expenses ग्रुप मे रखे।
आज के इस लेख मे आपने Interest Calculation in Tally क्या होता है, के बारे मे जाना। उम्मीद है हमारे द्वारा लिखा गया यह Interest Calculation in Tally Prime लेख आपको अच्छा लगा होगा। यदि हमसे कुछ मिस हो गया हो तो कृपया कमेन्ट मे मेंशन करें और यदि यह लेख आपको अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।
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